@अंबिकापुर•
सरगुजा में डेढ़ वर्ष के एक मासूम बालक ने खेलने के दौरान सिक्कानुमा बैट्री निगल लिया और वह गले में जाकर फंस गया। दूसरे दिन जब बच्चा रोने लगा तो उसे इलाज के लिए अंबिकापुर लाए। यहां मासूम के माता-पिता के लिए डॉक्टर भगवान बने। इएनटी विशेषज्ञ डॉ. अनुपम मिंज ने 2 घंटे की मशक्कत के बाद बैट्री को बाहर निकाला।
बैट्री से केमिकल निकलने से गले में इंफेक्शन होना शुरू हो गया था। अगर और समय तक नहीं निकाला जाता तो मासूम की जान जा सकती थी।
जशपुर जिले के बगीचा निवासी रोहन का डेढ़ वर्षीय बेटा गुरुवार को खेलने के दौरान सिक्कानुमा बैट्री निगल लिया था। परिजन को तत्काल पता नहीं चला। बच्चे के रोने पर उसे इलाज के लिए अंबिकापुर लाए। यहां इएनटी विशेषज्ञ डॉ. अनुपम मिंज ने जब एक्सरे कराया तो शुरू में लगा कि सिक्का फंसा हुआ है।
निकालने की कोशिश की तो अंदर पता नहीं चल पा रहा था। दो घंटे के काफी मशक्कत के बाद निकाला गया तो पता चला कि अंदर सिक्कानुमा बैट्री फंसा था और केमिकल निकलने से गले में इंफेक्शन होना शुरू हो गया था।
डॉक्टर बोले- जल सकता था गला:
डॉक्टर अनुपम मिंज ने बताया कि बैट्री ने धीरे-धीरे केमिकल छोडऩा शुरू कर दिया था। इस कारण गले में इंफेक्शन होना शुरू हो गया था। अगर कुछ देर तक बैट्री भीतर रह जाता तो रासायनिक केमिकल से मासूम का गला जल सकता था।